巴以冲突最近出现新动向,一个是哈马斯愿意停火,并同意分三批释放以色列人质,同时希望以色列能完全从加沙撤军;另一个,是以色列在收到哈马斯的停火条件后,仍认为“没有达到以方要求”,继续对加沙最南部的拉法发起攻击,并切断了国际社会对加沙难民唯一的援助通道。 नई दिल्ली। डोनाल्ड ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ के बीच RPG ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि कुछ अरबपति इसलिए अमेरिका छोड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें डोनाल्ड ट्रंप पसंद नहीं हैं। उन्होंने भारत के अरबपतियों के माइग्रेशन पैटर्न पर एक गंभीर सवाल उठाया। उन्होंने इसे चिंताजनक कहा और प्रकाश डालते हुए कहां कि जहाँ भारत के कई अति-धनवान लोग लंदन और अमेरिका जैसे देशों को छोड़ रहे हैं, वहीं कोई भी भारत लौटने के लिए इच्छुक नहीं दिख रहा है।,सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) पर गोयनका ने लिखा, "ज्यादातर अमीर भारतीय अरबपति टैक्स और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते लंदन छोड़ रहे हैं और कुछ तो अमेरिका इसलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें ट्रंप पसंद नहीं हैं। उनकी नजर दुबई, सिंगापुर, पुर्तगाल, स्विट्ज़रलैंड पर है... लेकिन मेरे जानने वाले एक भी व्यक्ति भारत को विकल्प के तौर पर नहीं देख रहा है। आखिर ऐसा क्यों? यही वो सवाल है जिसका जवाब हमें अपने दिल में तलाशना होगा।",अभिनेता रणवीर शौरी ने इस पोस्ट पर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "क्योंकि यहाँ बहुत भीड़ है! ज़्यादा लोगों को अरबपति बनकर यहाँ से निकल जाना चाहिए!" कोटक प्राइवेट द्वारा कंसल्टेंसी फर्म EY के सहयोग से हाल ही में किए गए एक सर्वे से पता चला है कि भारत के अति-धनवानों का एक बड़ा हिस्सा माइग्रेशन के बारे में सोच रहा है। सर्वे के अनुसार, 22% अति-धनवान भारतीयों ने खराब जीवन स्थितियों, जरूरी बुनियादी ढाँचे की कमी और विदेशों में उच्च जीवन स्तर का हवाला देते हुए, देश छोड़ने की योजना बनाई है। यह अध्ययन 150 हाई नेटवर्थ वाले व्यक्तियों (UHNI) के उत्तरों पर आधारित था।,इसके अलावा, हेनले प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट 2025 ने भारत के भविष्य पर एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है। भारत उन टॉप पाँच देशों में से एक है जो सालाना सबसे ज्यादा करोड़पति खो रहे हैं। हालाँकि भारत छोड़ने वाले करोड़पतियों की संख्या में कमी आई है।,यह भी पढ़ें: एक चिढ़ा हुआ शासनाध्यक्ष, भारत आर्थिक रूप से सक्षम होकर ही ट्रंप की चुनौतियों का सामना कर सकता है。实际上,外界不难看出,以色列这就是有意不停火,因为此前攻进加沙,就是打着“解救人质”的旗号,如今哈马斯答应放人了,以色列却不收手。